डॉ o दिलीप कुमार झा पत्रकार ,गोड्डा झारखंड , दिनांक— 23/1/2026 गोड्डा । नेता जी की जयंती को इस बार पराक्रम दिवस के रूप में मनाय...
डॉ o दिलीप कुमार झा पत्रकार ,गोड्डा झारखंड ,
दिनांक— 23/1/2026
गोड्डा । नेता जी की जयंती को इस बार पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जा रहा है जिसका साफ मकसद है हम अपने लक्ष्य की प्राप्ति संघर्ष जुनून और जिंदगी की शहादत देकर ही प्राप्त कर सकते हैं नेता जी की मूल मंत्र था तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा । गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने पर हमारी जान भी जाएगी तो हम पीछे नहीं हटेंगे । उनके नेतृत्व में हिंदू मुस्लिम सिक्ख ईसाई सभी जाति और धर्मों के लोग थे ये थी उनकी समदर्शिता जिसे आज सेकुलर और नॉन सेकुलर की दृष्टि से देखा जाता है ये थी उनकी भारत माता के प्रति प्रतिबद्धता सभी को साथ लेकर चलने की सांगठनिक क्षमता स्त्री पुरुष सभी वर्गों के लोग उनके आजाद हिंद फौज में शामिल होकर देश की आजादी के लिए संघर्ष करने एकत्रित हुए । धन की कमी को पूरा करने के लिए महिलाओं ने अपने मंगलसूत्र तक दान किया वहीं बुजुर्ग महिलाओं ने अपने वैधव्य की निशानी अपने सोने चांदी का कड़ा दानस्वरूप भेंट किया था ऐसा जनमानस पर उनका प्रभाव था । लोग आज भी याद करते हैं उस वीर योद्धा को जिसने अंडमान निकोबार द्वीप समूह पोर्ट ब्लेयर में सबसे पहले देश की आजादी की घोषणा करते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर देश के आजाद होने की घोषणा की थी और सच पूछा जाए तो देश के वे पहले प्रधान शासक के रूप में 30 दिसंबर 1943 में ही राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर देश के आजादी का बिगुल बजाया जिसे 12देशों ने भी मान्यता दे दी थी । स्वतंत्रता संग्राम में और भी कई देश के नेताओं ने हिस्सा लिया गांधी जी , जवाहर लाल नेहरू ,बाल गंगाधर तिलक ,लाला लाजपत राय ,भगत सिंह चंद्रशेखर आजाद ,खुदी राम बॉस हजारों ऐसे देश भक्त शहीद हुए ,अंग्रेजों से लोहा लेने में सैकड़ों आजाद हिंद फौज के जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी जो गुमनाम होकर रह गए कोई सत्ता का लाभ नहीं कोई लालच नहीं सिर्फ एक ही मकसद थी आजादी ।वर्तमान भाजपा सरकार भी कुछ ऐसे दायित्वों को पूर्ण करने में लगी है जो कांग्रेस के कार्यकाल में संभव नहीं हो पाया । दिल्ली में शहीदस्थल पर नेताजी सुभाष की प्रतिमा , 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में घोषणा आदि कार्य किए गए । नेताजी की रहस्यमय मौत भी नहीं कह सकते न गुमनाम ही कह सकते जो आजतक रहस्य बनकर ही रह गई इस रहस्य से पर्दा उठाना भी भाजपा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए ।
आज नेताजी की जयंती पर लोक मंच के नेता सर्वजीत झा ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया और उनके पदचिन्हों पर चलते हुए उन्हें फूल मालाओं से सम्मानित करते हुए श्रद्धांजलि देते हुए नमन किया । इस अवसर पर सेवा निवृत न्यायाधीश शिवपाल सिंह ,नूतन तिवारी अधिवक्ता सह महिला नेत्री ,दिनेश यादव पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ,राजेश झा पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष , समीर दुबे ज्ञानस्थली स्कूल के निदेशक सहित स्थानीय देश भक्त उपस्थित हुए और पुष्पांजलि अर्पित करते हुए नमन किया । कुछ संगीत कार्यक्रम भी ज्ञानस्थली स्कूल के बच्चों द्वारा किए गए ।
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