बहराइच-भारत-नेपाल पत्रकार गोष्ठी में गूंजा संवाद का स्वर सीमावर्ती पत्रकारिता की भूमिका पर गहन मंथन रिपोर्ट-धर्मेन्द्र कान्त,बहर...
सीमावर्ती पत्रकारिता की भूमिका पर गहन मंथन
रिपोर्ट-धर्मेन्द्र कान्त,बहराइच, उत्तर प्रदेश
20 अप्रैल 2026
न्यूज ऑफ इंडिया एजेंसी बहराइच
बहराइच -रुपईडीहा रोड स्थित ड्रीम हाउस नानपारा परिसर में रविवार सायं 4 बजे भारत-नेपाल संयुक्त पत्रकार गोष्ठी का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें सीमावर्ती पत्रकारिता, बदलते मीडिया परिदृश्य और सामाजिक सरोकारों पर गंभीर विमर्श हुआ। कार्यक्रम में भारत और नेपाल से आए पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर इसे अंतरराष्ट्रीय संवाद का स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नानपारा विधायक राम निवास वर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि कृपाराम वर्मा (बलहा) एवं विधायक प्रतिनिधि आलोक जिंदल मौजूद रहे। संचालन अनादि टीवी के जिला संवाददाता विनोद द्विवेदी ने प्रभावशाली ढंग से किया।
अपने संबोधन में विधायक राम निवास वर्मा ने भारत-नेपाल के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच ‘रोटी-बेटी’ का रिश्ता सदियों से चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता ने ब्रिटिश शासनकाल से लेकर आज तक समाज को जागरूक करने और सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में पत्रकारों ने अत्याचार और दमन झेलते हुए भी सत्य का साथ नहीं छोड़ा।
वर्तमान मीडिया परिदृश्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के रूप में विकसित हो चुकी है। सोशल मीडिया की तीव्र गति और व्यापक पहुंच को स्वीकार करते हुए उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे सत्यता, विश्वसनीयता और जिम्मेदारी को सर्वोपरि रखें।
वरिष्ठ पत्रकार भागवत शुक्ला ने कहा कि पत्रकारों का दमन कोई नई बात नहीं है, लेकिन सच्चाई की ताकत हर दौर में सबसे बड़ी रही है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी पत्रकारों को निर्भीक होकर समाज के सामने सच प्रस्तुत करना चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार अजय शर्मा ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पहले समाचार हाथ से लिखकर भेजे जाते थे, जबकि आज मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से पलभर में खबरें वैश्विक स्तर तक पहुंच जाती हैं। यह बदलाव जहां अवसर लेकर आया है, वहीं जिम्मेदारियों को भी कई गुना बढ़ा दिया है।
वरिष्ठ पत्रकार अशोक उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारों की कलम केवल खबर लिखने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के उत्थान का सशक्त उपकरण है। उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे अपनी लेखनी को जनहित, किसान, मजदूर और युवाओं के भविष्य के लिए समर्पित करें।
बलहा विधायक प्रतिनिधि अशोक जिंदल ने निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता पर जोर देते हुए कहा कि पत्रकारों को किसी भी दबाव में आए बिना सत्य के पक्ष में खड़ा रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता चौथे स्तंभ के रूप में अपनी अहम भूमिका निभाती है।
नेपाल से आए वरिष्ठ पत्रकार पूर्ण लाल चुके ने इस आयोजन को भारत-नेपाल के बीच पत्रकारिता के क्षेत्र में एक सशक्त सेतु बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद दोनों देशों के पत्रकारों के बीच आपसी समझ, सहयोग और विश्वास को मजबूत करते हैं। उन्होंने वर्ष 2007 में आयोजित संयुक्त गोष्ठी को याद करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
मनिराम शर्मा ने कहा कि आज का समय पत्रकारों के लिए कई चुनौतियां लेकर आया है, लेकिन इसके बावजूद पत्रकार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार ताहिर हुसैन ने पत्रकारों के सामने आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई बार प्रशासन के खिलाफ खबरें प्रकाशित करने पर पत्रकारों को प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता आवश्यक है।
राजीव शर्मा ने भारत-नेपाल के सांस्कृतिक रिश्तों को ‘रोटी-बेटी’ की संज्ञा देते हुए भगवान श्रीराम और माता जानकी के पावन संबंधों का उल्लेख किया और दोनों देशों की ऐतिहासिक निकटता को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के संचालक विनोद द्विवेदी ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पहला हिंदी समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ था, जिसका प्रकाशन 30 मई 1826 को कलकत्ता से प्रारंभ हुआ था। इसके संपादक पंडित जुगल किशोर शुक्ल थे। उन्होंने कहा कि इसी ऐतिहासिक शुरुआत के कारण हर वर्ष 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है, और अब इस गौरवशाली परंपरा के 200 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं।
कार्यक्रम में भारत की ओर से अशोक उपाध्याय, राजीव शर्मा, अजय शर्मा, परवेज रिजवी, संतोष शुक्ला, भागवत शुक्ला, ताहिर हुसैन, हनुमान प्रसाद गुप्ता, कुलदीप, विनोद कुमार द्विवेदी, शकील अंसारी, अभिलाष श्रीवास्तव (सोनू), विवेक श्रीवास्तव, विनोद जैसवाल, भूपेंद्र पांडेय, दिवाकर श्रीवास्तव, अभिनव गोयल, मनोज टेकरीवाल, नयन जायसवाल, अब्दुल कादिर, मनोज गुप्ता, जुनेद अहमद, दीपक श्रीवास्तव, रावेन्द्र शर्मा, राहुल पाण्डेय, अशोक पाठक, भुवन भास्कर वर्मा, रूद्र प्रताप मिश्र, शिवम पाण्डेय, शहाबुद्दीन खान, प्रकाश श्रीवास्तव, अनुज जायसवाल, आनन्द पोद्दार, पुनीत श्रीवास्तव, राहुल उपाध्याय सहित अनेक पत्रकार उपस्थित रहे।
नेपाल की ओर से पूर्ण लाल चुके (अध्यक्ष, नेपाल-भारत संयुक्त मंच नेपाल चैप्टर), शंकर प्रसाद खनाल (उप संपादक, अन्नपूर्ण पोस्ट दैनिक), कुमार श्रेष्ठ (संपादक, सुनपानी ऑनलाइन खबर), रेजिना मल्ल (रिपोर्टर, कान्तिपुर टेलीविजन), डक्ट प्रसाद धिताल (संपादक, गुड न्यूज साप्ताहिक), श्वेता विष्ट (रिपोर्टर, जनमत अर्धसाप्ताहिक) सहित कई पत्रकारों ने सहभागिता की।
अंत में आयोजकों की ओर से सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन भारत-नेपाल मैत्री, पत्रकार एकता और निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के संकल्प के साथ हुआ। यह आयोजन नानपारा के समस्त पत्रकार परिवार के सौजन्य से संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकारों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
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