डॉ ० दिलीप कुमार झा पत्रकार न्यूज ,गोड्डा, झारखंड । दिनांक 22/12/2025 गोड्डा । हम छोटे लोग अपनी जिंदगी या तो गांव में या कस्बे म...
डॉ ० दिलीप कुमार झा पत्रकार न्यूज ,गोड्डा, झारखंड ।
दिनांक 22/12/2025
गोड्डा । हम छोटे लोग अपनी जिंदगी या तो गांव में या कस्बे में बहुत मेहनत अपनी जिंदगी में की हो तो जिला स्तर के शहरों में अपना आशियाना बना कर जिंदगी व्यतीत कर लेते हैं । और सभी मौसम वायु प्रदूषण जल प्रदूषण खाद्य प्रदूषण जैसी रोजमर्रा के दैनिक उपयोग की वस्तुओं का जी भर कर उपयोग करते हैं । जांच अधिकारी साल में एक आध बार खाद्य सामग्रियों की जांच कर लेते हैं लेकिन उनके मुताबिक सब ठीक ठाक ही रहता है क्योंकि आज तक इन जांच में कोई अभागा व्यक्ति या दुकानदार नहीं फंसा है ।इसलिए खाद्य पदार्थ की दुकानों में भीड़ लगी रहती है । शुद्ध घी जैसी चीजें कोई 1000रुपए किलो बेच रहा है कोई 500कोई 650रुपए प्रति किलो अब किसमें कितनी मिलावट है ये ईश्वर जाने बीच में कोई नहीं दूध में कितना पानी है क्रीम उठाकर बेची जा रही है ये विक्रेता और क्रेता के बीच में ही निपट जाता है ।सारे चोंचले सिर्फ दिल्ली वालों के ही होते हैं हम झारखंडी ,बिहारी ,मुंबई कोलकाता वाले के साथ छोटे छोटे शहरों में रहने वाले बिंदासअपनी जिंदगी जीते हैं । न कोई भय न कोई जरूरत भर पेट खाकर गैस निकालते हुए जीते हैं जब अचानक कोई रोग से हम आक्रांत होते हैं तो एम्स भागते हैं क्योंकि स्थानीय चिकित्सा जानलेवा होती है और रेफर कर देना ही बेहतर इलाज होता है । हल्की टूट फुट सर्दी जुकाम दर्द राहत की बात स्थानीय चिकित्सक कर देते हैं कभी डॉक्टर की कमी कभी उपकरण खराब बहुत जटिलताएं हैं जिन्हें छोटे शहर वाले दम घोंट कर सह लेते हैं ।
AQI की बात वायु प्रदूषण की तो कभी चर्चा ही नहीं होती जबकि झारखंड राज्य में खदानों की कोई कमी नहीं है कोयला अब्रख तांबा बालू पत्थर जैसे खनिज पदार्थों का दोहन दिन रात किया जा रहा है अदानी कंपनी भी राख के प्रदूषण में कितनी सक्रियता से नियमों का पालन कर रही है ये हम गरीब अशिक्षित लोग क्या जानें ।गोड्डा अनुमंडल से जिला बना हुआ एक शहर है जहां विभाग तो सभी हैं नौकरी लेकर तनख्वाह पाने वाले लेकिन काम करने वाले नहीं मिलते जैसे माप तौल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी धड़ल्ले से तराजू और अंगूठे का खेल बाजारों में जारी है इलेक्ट्रॉनिक मशीन भी समानों से छिपी रहती है बस । राज्य सरकार की भी जिम्मेदारी है कि अपने राज्य के नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जागरूक रहे और इन सारे विभागों को क्रियाशील कर उनपर कार्रवाई करें । लिखने को कई विभाग हैं लेकिन कार्रवाई कौन करेगा ये सबसे बड़ा प्रश्न चिन्ह है अधिकारी या राजनेता दोनों इसके लिए जवाबदेह हैं लेकिन भ्रष्टाचार और राजनीति का गठबंधन साथ साथ है इसलिए उपर ईश्वर और नीचे जनता है ।सिर्फ दिल्ली में ही महामानव नहीं बसते इन छोटे शहरों में भी जीव जंतु हैं इनपर भी कृपा हो ।
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