28 फरवरी 2026 सिविल सेवाएं शासन की रीढ़ होती हैं, जो नीतियों को धरातल पर लागू कर विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्...
28 फरवरी 2026
सिविल सेवाएं शासन की रीढ़ होती हैं, जो नीतियों को धरातल पर लागू कर विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करती हैं। प्रशासनिक नेतृत्व, नवाचार और सेवा-समर्पण के आधार पर ‘ब्यूरोक्रेट्स इंडिया’ द्वारा जारी वर्ष 2025 की अखिल भारतीय “टॉप 25 चेंजमेकर्स” सूची में पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव को स्थान मिला है।
इस सूची में विदेश सचिव, विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और केंद्रीय सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और जौनपुर से संबंध रखने वाले तथा नवोदय विद्यालय, आजमगढ़ और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र कृष्ण कुमार यादव भारतीय डाक सेवा के वर्ष 2001 बैच के अधिकारी हैं।
दो दशकों से अधिक की सेवा के दौरान उन्होंने तकनीक-आधारित और नागरिक-केंद्रित पहलों के जरिए अंतिम छोर तक सुशासन को आधुनिक रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी सहित सूरत, अंडमान एवं निकोबार, जोधपुर और अहमदाबाद में अपनी सेवाओं के दौरान उन्होंने प्रशासनिक दक्षता और डिजिटल सेवा वितरण को मजबूत किया।
प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ कृष्ण कुमार यादव साहित्यकार, लेखक, कवि और ब्लॉगर भी हैं। सामाजिक और समकालीन विषयों पर उनका लेखन लोकसेवा और जनसंवाद को साहित्यिक अभिव्यक्ति से जोड़ता है।
हाल ही में उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल के रूप में उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गांधीनगर में गुजरात के पहले जेन-ज़ी थीम आधारित डाकघर के शुभारंभ का नेतृत्व किया। यह पहल केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की उस सोच के अनुरूप है, जिसके तहत डाकघरों को युवा-केंद्रित और तकनीक-सक्षम केंद्रों में बदला जा रहा है।
समावेशी शासन को मजबूत करने और सार्वजनिक सेवा वितरण में प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के माध्यम से कृष्ण कुमार यादव ने नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित किए हैं। उनके नेतृत्व में जन-केंद्रित पहलों को नई दिशा मिली है, जिससे सेवा वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बनी है।
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