न्यूज़ ऑफ इंडिया (एजेंसी) बाराबंकी: 24 मार्च 2026 विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोक सभागार में आयोजित जागरूकता एवं ...
न्यूज़ ऑफ इंडिया (एजेंसी)
बाराबंकी: 24 मार्च 2026
विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोक सभागार में आयोजित जागरूकता एवं सम्मान समारोह में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने जनपद को टीबी मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “हां! हम टीबी हरा सकते हैं, भारत के नेतृत्व में टीबी का अंत संभव है”—यह संकल्प जनपद में धरातल पर साकार हो रहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2025 में जनपद की 122 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है, जिनमें 05 पंचायतों को स्वर्ण, 29 को सिल्वर तथा 88 पंचायतों कांस्य कलर गांधी जी की प्रतिमा दी गई है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग एवं ग्राम स्तर पर कार्यरत टीमों के सतत प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए जनजागरूकता, समय पर जांच और नियमित उपचार अत्यंत आवश्यक है। सरकार द्वारा टीबी मरीजों को निःशुल्क जांच एवं उपचार के साथ-साथ पोषण सहायता भी प्रदान की जा रही है। जिलाधिकारी ने समस्त ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इसी क्रम में आयोजित सम्मान समारोह में जिलाधिकारी द्वारा ग्राम प्रधान धर्मेन्द्र कुमार (न्यामतपुर), बाबूलाल (हरचन्द्रपुर), भुलन मौर्या (सिक्रोहरा) तथा श्रीमती गुले हाशमी (जबरीखुर्द) को उनकी ग्राम पंचायतों में लगातार तीन वर्षों तक उत्कृष्ट कार्य करने हेतु स्वर्ण कलर गांधी जी की प्रतिमा एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मान प्राप्त करने वाले ग्राम प्रधान धर्मेन्द्र कुमार (न्यामतपुर) ने बताया कि उनकी ग्राम सभा में आयोजित प्रत्येक बैठक में क्षय रोग के लक्षण, उपचार एवं बचाव से संबंधित जानकारी नियमित रूप से साझा की जाती है, जिससे ग्रामवासियों में जागरूकता बढ़ी है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक ग्राम स्तर पर टीबी रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु नियमित रूप से बैठकों का आयोजन किया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों की जांच एवं उपचार सुनिश्चित कराया जाए।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 24 मार्च से 100 दिवसीय सघन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, पूर्ण उपचार एवं जनजागरूकता ही टीबी उन्मूलन का सबसे प्रभावी माध्यम है।
जनपद टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है और इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जनसहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस अवसर पर जॉइंट मजिस्ट्रेट तेजस के0, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं जिला क्षय रोग केंद्र के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।


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