इंद्र यादव/मुंबई/ठाणे,‘आपली भाषा, आपली ओळख’ (हमारी भाषा, हमारी पहचान) के नारे के साथ ठाणे शहर में एक बेहद प्रेरणादायक और अनूठी प...
इंद्र यादव/मुंबई/ठाणे,‘आपली भाषा, आपली ओळख’ (हमारी भाषा, हमारी पहचान) के नारे के साथ ठाणे शहर में एक बेहद प्रेरणादायक और अनूठी पहल शुरू की गई है। शहर में मराठी भाषा, संस्कार और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए विशेष रूप से ‘मराठी पाठशाळा’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस अभियान के माध्यम से परिवहन सेवा से जुड़े चालकों को मराठी भाषा के सही बोलचाल, लेखन और शुद्धलेखन से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे यात्रियों के साथ और अधिक सहजता से संवाद कर सकें।
महत्वपूर्ण सूचना: आगामी परीक्षा
इस पाठशाळा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है:
सूचना: ‘मराठी पाठशाळा’ के सभी विद्यार्थियों (चालकों) को सूचित किया जाता है कि आगामी परीक्षा दिनांक 4 अगस्त 2026 (मंगलवार) को आयोजित होगी। सभी ड्राइवरों को समय की सटीक जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भेज दी जाएगी। सभी चालकों से समय पर उपस्थित रहने की अपील की गई है।
प्रमुख आयोजनकर्ता और मार्गदर्शन
इस शानदार और जनहितकारी पहल के मुख्य आयोजक पूर्व नगरसेवक राजकुमार रामनयन यादव और समाजसेवक महेंद्र सोडारी हैं। मार्गदर्शक शिक्षक-सिद्धार्थ कांबळे सर
वर्ग यह अभियान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ संभाजी शिंदे और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक समेत कई स्थानीय गणमान्य नेताओं के मार्गदर्शन में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
चालकों के लिए विशेष सत्र और परीक्षा
इस कार्यक्रम के तहत रिक्शा और टैक्सी चालकों की मराठी भाषा कौशल की परीक्षा (इंटरव्यू) ली जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में चालक उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रहे हैं।
व्यावहारिक अभ्यास: आयोजकों द्वारा चालकों को यह सिखाया जा रहा है कि वे दैनिक जीवन में यात्रियों के साथ मराठी में कैसे बातचीत करें।
मधुर संबंध: इस पहल का मुख्य उद्देश्य चालकों और यात्रियों के बीच के संवाद को अधिक मधुर, सरल और सम्मानजनक बनाना है।
यात्री और चालक के बीच दैनिक संवाद के कुछ प्रमुख उदाहरण
चालकों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसलिए आम बातचीत को हिंदी और मराठी दोनों भाषाओं में बहुत ही सरल तरीके से समझाया गया है:
यात्रा शुरू करते समय: यात्री: मला येथे जायचे आहे। (मुझे यहाँ जाना है।)
चालक: या, बसा / चला, बसा / नेतो. (आइए बैठिए / चलिए बैठिए / ले चलता हूँ।)
मीटर और सुरक्षा से जुड़ी बातें: यात्री: कृपया मीटर चालू करा. (कृपया मीटर चालू करें।)
चालक: मीटर चालू केले आहे. (मीटर चालू कर दिया है।)
यात्री: कृपया जरा सावकाश चालवा. (कृपया थोड़ा धीरे चलाइए।)
चालक: चिंता करू नका. (चिंता मत कीजिए।)
दिशा और रास्ता बताना: यात्री: थोडे डावीकडे / उजवीकडे / पुढे / मागे / सरळ घ्या. (थोड़ा बाएं / दाएं / आगे / पीछे / सीधे लीजिए।)
चालक: आता कोणत्या बाजूला घेऊ? (अब किस तरफ से लूँ?)
भुगतान (पैसे देने का तरीका): यात्री: मी पैसे रोख (कॅश) देऊ की ऑनलाईन? (मैं पैसे कैश दूँ या ऑनलाइन?)
चालक: मला कॅश चालेल / ऑनलाईन पेमेंट चालेल. (मुझे कैश चलेगा / ऑनलाइन पेमेंट चलेगा।)
अन्य जरूरी स्थितियां: बारिश शुरू होने पर चालक: “कृपया खिडकी बंद करा.” (कृपया खिड़की बंद करें।)
जाने में असमर्थ होने पर चालक: “माफ करा, मी आता तिकडे जात नाही.” (माफ कीजिए, मैं अभी उधर नहीं जा पाऊँगा)
सराहनीय और प्रेरणादायक पहल
इस पाठशाळा के जरिए यह जाँचा जा रहा है कि चालक यात्रियों से शालीनता और स्पष्टता से मराठी में संवाद कर पा रहे हैं या नहीं। स्थानीय नागरिकों और चालकों दोनों की तरफ से इस अभियान में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। यह ‘मराठी पाठशाळा’ अब ठाणे शहर में भाषा, संस्कृति और आपसी भाईचारे की एक नई पहचान बनती जा रही है।
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