इंद्र यादव/मुंबई में ईद-ए-मिलाद यानी पैगंबर मुहम्मद साहब के जन्मदिन का त्योहार बड़े उत्साह से मनाया जा रहा है। शहर के कई इलाकों ...
इंद्र यादव/मुंबई में ईद-ए-मिलाद यानी पैगंबर मुहम्मद साहब के जन्मदिन का त्योहार बड़े उत्साह से मनाया जा रहा है। शहर के कई इलाकों में जुलूस निकले, लोग नारे लगा रहे हैं और खुशी मना रहे हैं। लेकिन इस बार सुरक्षा व्यवस्था बहुत सख्त है। पुलिस ने पूरा शहर संभाल रखा है ताकि कोई गड़बड़ी न हो।
सुरक्षा का इंतजाम कितना बड़ा है?
पुलिस ने बताया कि पूरे मुंबई में 10 हजार से ज्यादा पुलिस वाले सड़कों पर हैं। इनमें बड़े अफसर भी शामिल हैं—8 अपर पुलिस आयुक्त, 29 उपायुक्त और 56 सहायक आयुक्त। इसके अलावा 1618 अधिकारी और 8325 जवान तैनात हैं।
खास जगहों पर जहां भीड़ ज्यादा हो सकती है, वहां एसआरपीएफ के जवान, क्विक रिस्पांस टीम, दंगा रोकने वाले दल और कॉम्बैट फोर्स भी रखे गए हैं। पुलिस का मकसद साफ है—शांति बनाए रखना और किसी भी परेशानी को तुरंत रोकना।
पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है। उन्होंने कहा है कि भीड़ वाली जगहों पर शांत रहें, पुलिस की बात मानें और अगर कोई अजनबी सामान या शक वाली चीज दिखे तो तुरंत 100 या 112 पर फोन करें।
गोवंडी में क्या हुआ!
सुरक्षा के इतने बड़े इंतजाम के बावजूद गोवंडी के शिवाजी नगर में 90 फीट रोड पर समस्या आ गई। यहां ईद का जुलूस निकल रहा था। लेकिन सरकारी बसें (बेस्ट बस) उसी सड़क पर चलती रहीं। नतीजा यह हुआ कि पूरा रास्ता जाम हो गया।
जुलूस में शामिल लोग आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। आम नागरिक भी फंस गए। गाड़ियां खड़ी थीं, लोग परेशान थे और गर्मी में सबको काफी तकलीफ हो रही थी।
इस पर स्थानीय समाजसेवी अकरम कुरैशी ने गुस्सा जताया। उन्होंने कहा, दूसरे बड़े त्योहारों में जब सड़क बंद कर दी जाती है या बसों का रास्ता बदल दिया जाता है, तो इस त्योहार पर ऐसा क्यों नहीं हुआ? बसें बेरोकटोक चल रही हैं और लोग परेशान हो रहे हैं।
अकरम कुरैशी ने चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर आगे भी ऐसे मौकों पर ट्रैफिक का सही इंतजाम नहीं किया गया, तो वे खुद आगे आकर बसों को रोकेंगे और उनका रूट बदलवाएंगे।
पुलिस की सलाह
पुलिस ने फिर से याद दिलाया कि त्योहार के दौरान किसी अफवाह पर ध्यान न दें। कोई शक वाली बात या चीज दिखे तो तुरंत पुलिस को बताएं। सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है।
ईद-ए-मिलाद का दिन खुशी का है। लोग मिल-जुलकर जश्न मनाएं, लेकिन सड़क पर ट्रैफिक और सुरक्षा का ध्यान भी रखना जरूरी है। गोवंडी जैसी घटना से सबक लेना चाहिए कि त्योहारों के दौरान यातायात का इंतजाम भी उतना ही जरूरी है जितना सुरक्षा का।
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