राष्ट्रीय ध्वज अधिष्ठापन का उद्घाटन 15 अगस्त 23 को लेकिन 26 जनवरी 2024 को तिरंगा फहराना तो दूर झंडा भी बदला नहीं गया । कई लाख ...
राष्ट्रीय ध्वज अधिष्ठापन का उद्घाटन 15 अगस्त 23 को लेकिन 26 जनवरी 2024 को तिरंगा फहराना तो दूर झंडा भी बदला नहीं गया ।
कई लाख की लागत से तैयार स्थल जिसमे सिर्फ तिरंगा की कीमत लाखों से ऊपर है ।
15 अगस्त 2023 में तिरंगा स्थल का उद्घाटन उपायुक्त गोड्डा द्वारा किया गया था लेकिन 26जनवरी को किसी ने इसकी सुध नहीं ली ,और वही पुराना झंडा आज भी कुछ सिमटी सी पड़ी है ।
डा ० दिलीप कुमार झा पत्रकार झारखंड ।
लखनऊ न्यूज एजेंसी ,दिनांक 27/1/24
गोड्डा — 26 जनवरी के अवसर पर गोड्डा जिला प्रशासन द्वारा लाखों रुपए खर्च कर गणतंत्र दिवस पर उत्सव मनाई गई और गांधी मैदान और मेला मैदान के बगल में ही पुरानी सरकारी बस स्टैंड में 15 अगस्त 23 को झंडा स्टैंड बना कर उसमे लाखों रुपए से ऊपर रेशमी झंडा फहराया गया लेकिन न उसका कोई औचित्य किसिवके समझ में आया न उपयोगिता । ये सरकार के नियंत्रण में ये जगह है और नगर पंचायत परिषद इसके अधिकारी । सबसे पहले इसकी वैधता पर प्रश्न उठता है क्यों और किसलिए इस झंडा स्थल का निर्माण हुआ जिसमे कई लाख खर्च किए गए और खर्च अगर राष्ट्रभक्ति और देश भक्ति के नाम पर किए गए तो 15अगस्त के बाद 26 जनवरी आते आते ये खत्म क्यों हो गई ।क्या उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना था , ठेकेदारी महत्वपूर्ण थी या देश प्रेम के नाम पर लाखों रुपए की बंदर बांट हुई । तत्कालीन एसडीओ प्रभारी नगर कार्यपालक पदाधिकारी के आदेश पर 5दुकानें आबंटित कर दी गई बन कर् तैयार हो गई सरकारी जमीनों पर दुकानें बनी बगैर किसी नियम कानून का पालन किए । आम जनता और अन्य जनप्रतिनिधियों के आवाज उठाने पर तत्काल स्थगित का आदेश पारित किया गया उन्ही अनुमंडल पदाधिकारी सह नगर पंचायत परिषद कार्यपालक पदाधिकारी जेसी विनीता कार्केट्टा के द्वारा । आज उनकी पोस्टिंग कार्यपालक पदाधिकारी गोड्डा में हो गई । टैक्सी कार मालिक और चालक दल ने आरोप लगाते हुए कहा इसमें लाइतब्की व्यवस्था थी परंतु आज तक नही जली , ये ध्वज इतनी उपरभाई कि आम आदमी इसे उतार भी नही सकता । हमलीगों की इच्छा थी कि ये ध्वज उपेक्षित न रहे लेकिन प्रशासन की उदासीनता की वजह से न तिरंगा ध्वज बदला गया न फहराई गया फिर क्यों इस स्थान पर तिरंगा लगाया गया ।
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