उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के अंतर पर मिलेगा अनुदान, डीबीटी से सीधे खाते में पहुंचेगी राशि न्यूज़ ऑफ इंडिया (एजेंसी) बाराबंकी, 01 सितम्ब...
उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के अंतर पर मिलेगा अनुदान, डीबीटी से सीधे खाते में पहुंचेगी राशि
न्यूज़ ऑफ इंडिया (एजेंसी)
बाराबंकी, 01 सितम्बर 2026
आलू उत्पादक किसानों को बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में आर्थिक राहत देने के लिए प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष’ योजना लागू की है। जनपद बाराबंकी में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, कोल्ड स्टोरेज संचालक और किसान बंधु मौजूद रहे।
बैठक में बताया गया कि यदि आलू के बाजार भाव में गिरावट आती है तो किसानों को उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के अंतर के आधार पर अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ केवल ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से मिलेगा और स्वीकृत धनराशि आधार-सीडेड डीबीटी के जरिए सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। योजना के तहत प्रति किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्रफल तथा 200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक अनुदान का प्रावधान है।
ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी दी जाए। योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ फोटोयुक्त पहचान पत्र, आधार कार्ड, आधार से लिंक बैंक पासबुक या चेकबुक तथा आलू रोपित क्षेत्र का खसरा-खतौनी सहित अन्य आवश्यक अभिलेख अपलोड करने होंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे योजना का लाभ
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, किसानों को आवेदन में हर संभव सहयोग दिया जाए तथा शिकायतों और समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में किसान प्रतिनिधियों और कोल्ड स्टोरेज संचालकों ने भी योजना से जुड़े सुझाव एवं समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करते हुए योजना का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

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