डॉ ० दिलीप कुमार झा पत्रकार गोड्डा, झारखंड l दिनांक 6/2/2026 गोड्डा । नगर निगम परिषद के अध्यक्ष पद के लिए रणभेरी सज चुकी है । कुल 23 उम्मीद...
डॉ ० दिलीप कुमार झा पत्रकार गोड्डा, झारखंड l
दिनांक 6/2/2026
गोड्डा । नगर निगम परिषद के अध्यक्ष पद के लिए रणभेरी सज चुकी है । कुल 23 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया लेकिन 10 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द हो गए जिनके नामांकन पत्र में त्रुटियां पाई गई थी या दो सेट पर्चे के भरे थे । अब कुल 13 उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में रह गए हैं । अब ये चुनाव नहीं मनेर का लड्डू हो गया जिसने खाया वो भी पछताया जिसने न खाया वो भी पछताया ।एक से बड़े एक दिग्गज चुनाव मैदान में उतर गए हैं पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र मंडल उर्फ गुड्डू मंडल ,राजेश मंडल जो जे एमएम के समर्थित प्रत्याशी हैं ,सुशील रमानी हैं नरेश मंडल हैं पंडित जी,अनिल साह जो भाजपा समर्थित उम्मीदवार हैं नीलम महिला प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो गया जो राजद समर्थित उम्मीदवार बन सकती थी लेकिन उनका नामांकन पत्र ही रद्द हो गया हैं उधर अल्पसंख्यक समाज से भी तीन चार उम्मीदवार हैं । कामरान ,अंजुम आरा, एक अन्य प्रत्याशी हैं ।नगर पंचायत परिषद का ये चुनाव दलगत आधार पर कम जातिगत आधार पर ही ज्यादा केंद्रित होता है जैसा कि इतिहास रहा है ।पूर्व अध्यक्ष अजीत सिंह भाजपा समर्थित उम्मीदवार थे लेकिन जातिगत राजनीति की ऐसी हवा चली कि सारे नेता अभिनेता प्रायः सभी नेता भाजपा से पिंड छुड़ाकर जाति गत राजनीति की दौड़ में शामिल हो गए और परिणाम अप्रत्याशित रूप से जितेंद्र मंडल उर्फ गुड्डू मंडल भारी मतों से विजई हुए ।राजनीतिक पार्टी के समर्थन से किसी की जीत और हार तय नहीं होती इसके लिए जाति का समर्थन जरूरी है । ब्राह्मण मतदाताओं का समर्थन और झामुमो पार्टी का समर्थन के साथ अपने स्वजातीय वोट के बल पर राजेश मंडल भी कुर्सी तक पहुंच सकते हैं ।रुपए की ताकत होती है जाति बल और पहचान किसी भी उम्मीदवार की किस्मत बदल सकती है । भाजपा समर्थित उम्मीदवार अनिल साह भी चुनाव में रेस में हैं लेकिन प्रत्याशियों को सिंबल मिलने के बाद ही चुनाव प्रचार जोर पकड़ेगा जो अभी उतना दिखाई नहीं पड़ रहा । उम्मीदवारों के चरित्र और संस्कार जगजाहिर होते हैं जनता उन्हें ही चुनती है जो धनपशु बलपशु और जातिबल की संख्या में आगे होते हैं । जैसे हम हैं वैसे अपना नेता चुनते हैं ।कुल मिलाकर देखा जाए तो अपनी जाति का वोट अगर जितेंद्र मंडल को पिछली चुनाव की तरह मिल जाएगी तो अन्य जातियों की मदद से जितेंद्र उर्फ गुड्डू मंडल अच्छे मतों से बढ़त लेकर अध्यक्ष की कुर्सी पर अपना अधिकार जमा सकते है ।यहां चुनाव दलगत नहीं होकर अगर जाति बल के आधार पर होती हैं और इस क्षेत्र में सुंडी मतदाताओं की संख्या बल कम नहीं है ।
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